27864. الشقيقة1 27865. الشَّقِيقَة1 27866. الشّقيقة1 27867. الشَّك3 27868. الشَّكُّ1 27869. الشك127870. الشَّكُّ1 27871. الشّكّ1 27872. الشكاء1 27873. الشكائر1 27874. الشكاة1 27875. الشكارة1 27876. الشكاك2 27877. الشكاكون1 27878. الشكال1 27879. الشُّكْبُ1 27880. الشكبان1 27881. الشكة1 27882. الشَّكْدُ1 27883. الشكد1 27884. الشُّكر1 27885. الشكر1 27886. الشُّكْرُ3 27887. الشّكر1 27888. الشُّكْر2 27889. الشَّكْزُ1 27890. الشَّكْسُ1 27891. الشَّكِصُ1 27892. الشَّكْلُ1 27893. الشكل3 27894. الشِّكْل1 27895. الشّكل1 27896. الشكْلُ1 27897. الشَّكْلُ الأرْضِيُّ...1 27898. الشَّكْلُ البئْرِيُّ...1 27899. الشّكل الحماري1 27900. الشَّكلُ الصنوبَرِيّ...1 27901. الشَّكْلُ العَمُودِيُّ...1 27902. الشَّكْلُ القَطّاعُ...1 27903. الشَّكْلُ اللَّبِنِيُّ...1 27904. الشَّكْلُ اللَّوحيُّ...1 27905. الشّكل المأموني1 27906. الشكلُ المستقيمُ1 27907. الشّكل المغني1 27908. الشكل المكعبُ1 27909. الشَّكْلُ النَّارِيُّ...1 27910. الشَّكِلَةُ1 27911. الشكلة1 27912. الشُّكْم1 27913. الشكم1 27914. الشكوة1 27915. الشَّكوثَى1 27916. الشَّكُورُ1 27917. الشكور1 27918. الشكُور1 27919. الشّكور1 27920. الشكوك1 27921. الشكوى2 27922. الشَّكْوَى ضِدّ1 27923. الشكية1 27924. الشكير1 27925. الشكيكة1 27926. الشكيمة1 27927. الشلا1 27928. الشلاشل1 27929. الشَّلاَّفَةُ1 27930. الشلال1 27931. الشلالة1 27932. الشلجم1 27933. الشَّلْخُ1 27934. الشَّلْخَبُ1 27935. الشِّلَّخْفُ2 27936. الشلشل1 27937. الشَّلْطُ1 27938. الشِّلَّعْفُ1 27939. الشِّلَّغْفُ1 27940. الشَّلْقُ1 27941. الشلل2 27942. الشَّلَلُ1 27943. الشَّلْمَقُ1 27944. الشلو1 27945. الشِّلْوُ1 27946. الشلول1 27947. الشلية1 27948. الشليل1 27949. الشم3 27950. الشَّمُّ1 27951. الشّمّ1 27952. الشمأزيزة1 27953. الشمأَلُ1 27954. الشّمائل1 27955. الشَّمَائِل1 27956. الشمات1 27957. الشماتة2 27958. الشماتى1 27959. الشماج1 27960. الشمار1 27961. الشماس2 27962. الشماطيط1 27963. الشماع1 Prev. 100
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الشك

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الشك: الوقوف بين النقيضين. وهو من شك العود فيما ينفذ فيه لأنه يقف بذلك الشك بين جهتيه، ذكره الحرالي. وقال غيره: وقوف ببين المعنى ونقيضه، وضده الاعتقاد، فإنه قطع بصحة المعنى دون نقيضه، وقيل التردد بين نقيضين لا ترجيح لأحدهما عند الشاك. وقال الراغب: اعتدال النقيضين عند الإنسان وتساويهما، قد يكون لوجود أمارتين متساويتين عنده في النقيضين أو لعدم الأمارة. والشك ربما كان في الشيء هل هو موجود أم لا، وربما كان في جنسه من أي جنس؟، هو وربما كان في الغرض الذي لأجله وجد. والشك ضرب من الجهل، وهو أخص منه لأن الجهل قد يكون عدم العلم بالنقيضين رأسا، فكل شك جهل ولا عكس. والشك: خرق الشيء، وشككته: خرقته وكأنه بحيث لا يجد الرأي مستقرا يثبت فيه ويعتمد عليه. ويجوز كونه مستعارا من الشك وهو لصوق العضد بالجنب، وذلك أن يتلاصق النقيضان فلا مدخل للفهم والرأي لتخلل ما بينهما، ويشهد له قولهم: التبس الأمر واختلط وأشكل ونحو ذلك من الاستعارات.