54054. بَحْرَمٌ1 54055. بحرم1 54056. بحرن1 54057. بَحْرُوش1 54058. بَحْرُون1 54059. بَحَرِيّ154060. بَحْرِيّ1 54061. بحرية1 54062. بَحْرِيّة1 54063. بحرين1 54064. بحز1 54065. بحزج3 54066. بَحَزَهُ1 54067. بحش2 54068. بَحْشَشَ1 54069. بَحْشَلَ1 54070. بحشل3 54071. بَحَشُوا1 54072. بحطط1 54073. بحْطِيطُ1 54074. بَحْظَلَ1 54075. بحظل4 54076. بحَلْ1 54077. بحل3 54078. بحلس3 54079. بحلق2 54080. بحم3 54081. بَحَنَ1 54082. بحن8 54083. بَحَنَ 1 54084. بحنق1 54085. بحو2 54086. بَحْوَةُ1 54087. بَحُوَرة1 54088. بَحُورِيّ1 54089. بَحُوشيّ1 54090. بحى1 54091. بحيا1 54092. بَحِيح1 54093. بَحِيحيّ1 54094. بُحَيْحِيّ1 54095. بُحَيِّر1 54096. بُحَيْر1 54097. بُحَيْرٌ1 54098. بحير1 54099. بحِيرَآبَاذُ1 54100. بُحَيرَآبَاذ1 54101. بَحِيَرات1 54102. بُحَيْرات1 54103. بُحَيْرَة1 54104. بُحَيْرَةُ أَرْجيشَ...1 54105. بُحَيرَةُ أُرْمِيَةَ...1 54106. بُحَيرَة أَرْيَغَ1 54107. بُحَيرَةُ أنطاكِيَةَ...1 54108. بُحَيرةُ الإسكَندَريةِ...1 54109. بُحَيرَةُ الحدَثِ1 54110. بُحَيرَةُ المَرْجِ1 54111. بُحَيرَةُ اليَغْرَا...1 54112. بُحَيرَةُ خوَارِزْمَ...1 54113. بُحَيرَةُ زَرَه1 54114. بُحَيرَة طَبَرِيَّةَ...1 54115. بُحَيرَةُ قَدَسَ1 54116. بُحَيرَة هَجَرَ1 54117. بُحَيْري1 54118. بحيشه1 54119. بحيص1 54120. بُحَيْنَة1 54121. بخ7 54122. بَخٌ1 54123. بَخَّ1 54124. بَخْ1 54125. بَخَّ 1 54126. بخا4 54127. بَخّات1 54128. بَخَّاتِيّ1 54129. بُخَارى1 54130. بُخَارِيّ1 54131. بخاشي1 54132. بَخَاطِرِه1 54133. بَخَاطِرِهَا1 54134. بخاطرو1 54135. بَخَانِدُ1 54136. بخايري1 54137. بخايريه1 54138. بخبان1 54139. بَخْبَخ1 54140. بخبخ2 54141. بخَت1 54142. بَخْت1 54143. بخت13 54144. بَخَتَ1 54145. بَخَتَ 1 54146. بَخْتَة1 54147. بَخْتَجَ1 54148. بختج4 54149. بَخْتَرَ1 54150. بختر12 54151. بَختَرِيَ1 54152. بَخْتِيّ1 54153. بَخْتيار1 Prev. 100
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بَحَرِيّ
الجذر: ب ح ر

مثال: النقلُ البَحَرِيُّ
الرأي: مرفوضة عند الأكثرين
السبب: للخطأ في ضبط الكلمة بفتح الحاء.

الصواب والرتبة: -النَّقلُ الْبَحْرِيُّ [فصيحة]-النَّقلُ البَحَرِيُّ [صحيحة]
التعليق: كلمة «بَحْرِيّ» ساكنة «الحاء» لأنها نسبة إلى بَحْر"، ويمكن تصحيح الكلمة المرفوضة بالاعتماد على ماأورده السيوطي في المزهر عن ابن درستويه من أنَّ أهل اللغة وأكثر النحويين يقولون: كل ما كان الحرف الثاني منه حرف حلق جاز فيه التسكين والفتح، نحو: الشَّعْر والشَّعَر، والنَّهْر والنَّهَر.