58904. تَشَّ1 58905. تشأشأ1 58906. تشأم1 58907. تشا1 58908. تشاءم1 58909. تَشَاءَم من158910. تشاءى1 58911. تشابر1 58912. تشابك1 58913. تشابه1 58914. تشابه الْأَطْرَاف1 58915. تَشَابُهُ الأطْرافِ...1 58916. تشاتما1 58917. تشاجبت1 58918. تشاجر1 58919. تَشَاجَرَ مع1 58920. تشاحنوا1 58921. تشاحوا1 58922. تشاخست1 58923. تشاد1 58924. تشادا1 58925. تشادف1 58926. تشار1 58927. تشارس1 58928. تشارطا1 58929. تَشَارَكَ مع1 58930. تشاركا1 58931. تشارلي1 58932. تشازروا1 58933. تشاعر1 58934. تشاغب1 58935. تشاغرا1 58936. تشاغل1 58937. تشاقا1 58938. تشاقحا1 58939. تشاكسا1 58940. تشاكلا1 58941. تشاكها1 58942. تشاكى1 58943. تشامسا1 58944. تشانؤوا1 58945. تشانق1 58946. تشاهر1 58947. تشاوروا1 58948. تشاوس1 58949. تشاول1 58950. تشايع1 58951. تشبث1 58952. تشبع1 58953. تشبك1 58954. تشبه1 58955. تشبيب1 58956. تَشْبِيب1 58957. تشبيه1 58958. تَشْبِيه التَّمْثِيل...1 58959. تشتتوا1 58960. تشجع1 58961. تشجن1 58962. تشح2 58963. تشحج1 58964. تشحى1 58965. تشحيذ الأذهان، في رد قدر الإمكان...1 58966. تشخص3 58967. تشدخ1 58968. تشدد1 58969. تشدق1 58970. تشدُّني إليه فصاحتَه...1 58971. تشديد الأركان، في ليس في الإمكان، أ...1 58972. تشديد الحرف الأخير من كلمات حذفت لا...1 58973. تشذب1 58974. تشذر1 58975. تَشَذْكَرْتُ1 58976. تشر3 58977. تشرب1 58978. تشرج1 58979. تشردوا1 58980. تشرشل1 58981. تشرط1 58982. تشرف1 58983. تَشْرِفُ1 58984. تشرق1 58985. تشرم1 58986. تشرى2 58987. تشريح اللَّبن1 58988. تَشْرِيفِيّ1 58989. تشرين3 58990. تِشْرينُ1 58991. تِشْرِين1 58992. تَشْرين1 58993. تشرين الاول1 58994. تشزنت1 58995. تشظى1 58996. تشعب1 58997. تشعث1 58998. تشعشع1 58999. تشعل1 59000. تشعيث1 59001. تشغر1 59002. تشغفه1 59003. تشفع1 Prev. 100
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تَشَاءَم من
الجذر: ش أ م

مثال: تَشَاءَم منه النّاس
الرأي: مرفوضة
السبب: لتعدية الفعل بـ «من»، والوارد تعديته بـ «الباء».

الصواب والرتبة: -تَشَاءَم به النّاس [فصيحة]-تَشَاءَم منه النّاس [صحيحة]
التعليق: أجاز اللغويون نيابة حروف الجر بعضها عن بعض، كما أجازوا تضمين فعل معنى فعل آخر فيتعدى تعديته، وفي المصباح (طرح): «الفعل إذا تضمَّن معنى فعل جاز أن يعمل عمله». وقد أقرَّ مجمع اللغة المصري هذا وذاك، ومجيء «من» محل «الباء» كثير في الاستعمال الفصيح، كما في قوله تعالى: {يَحْفَظُونَهُ مِنْ أَمْرِ اللَّهِ} الرعد/11. أي، بأمر الله، وقوله تعالى: {مِمَّا خَطِيئَاتِهِمْ أُغْرِقُوا} نوح/25، وقول الشاعر:
يموت الفتى من عثرة بلسانه وليس يموت المرء من عثرة الرِّجل
واشتراك الحرفين في بعض المعاني، كالتبعيض والاستعانة والتعليل يمكن معه اعتبارهما مترادفين. ويؤكد صحة النيابة هنا وقوعها في بعض الأفعال في المعاجم القديمة. وقد سجلّت بعض المعاجم الحديثة هذا الاستخدام كالمنجد، والأساسي، ومعجم تعدي الأفعال.