72920. خَضْراء1 72921. خُضْرَان1 72922. خَضْرَان1 72923. خَضْرَانيّ1 72924. خَضْرانيّة1 72925. خَضْراوات172926. خَضْرَاويّ1 72927. خَضْرَاوي1 72928. خِضْراوي1 72929. خَضَراوي1 72930. خَضِراوي1 72931. خُضْراوي1 72932. خضرب3 72933. خَضْرَة1 72934. خُضْرَة1 72935. خَضْرَت1 72936. خضرج1 72937. خضرع3 72938. خَضرع1 72939. خضرف3 72940. خَضرف1 72941. خَضْرَمَ1 72942. خضرم10 72943. خَضرم1 72944. خضره1 72945. خُضْرَوات1 72946. خَضِرُون1 72947. خُضَرِويَّة1 72948. خَضْرِيّ1 72949. خَضِري1 72950. خَضْري1 72951. خَضَري1 72952. خِضْري1 72953. خُضْري1 72954. خَضِريَّان.1 72955. خَضَرِيَّة1 72956. خَضِرِيَّة1 72957. خُضْرِيَّة1 72958. خِضْرِيَّة1 72959. خضز1 72960. خضض7 72961. خضع14 72962. خَضَعَ2 72963. خَضع1 72964. خَضَعَ 1 72965. خضعب2 72966. خضف9 72967. خَضف1 72968. خَضفَ1 72969. خَضِفَ 1 72970. خضل14 72971. خَضَلَ1 72972. خَضل1 72973. خَضِلَ 1 72974. خَضْلان1 72975. خضلب2 72976. خضلف3 72977. خَضلف1 72978. خضله1 72979. خَضَمَ1 72980. خضم13 72981. خَضم1 72982. خَضَمَ 1 72983. خضمه2 72984. خضن8 72985. خَضَنَ1 72986. خَضَنَ 1 72987. خضو2 72988. خَضُور1 72989. خَضُورِيّ1 72990. خضى1 72991. خضي1 72992. خُضَيْبان1 72993. خَضِيبة1 72994. خُضَيْد1 72995. خَضِيد1 72996. خَضِير1 72997. خُضَيْر1 72998. خضيرار1 72999. خُضَيْرِم1 73000. خَضِيريّ1 73001. خُضَيْرِيّ1 73002. خُضَيْفان1 73003. خطّ2 73004. خط6 73005. خط الإستواء1 73006. خطّ الاسْتوَاء1 73007. خَطُّ الاسْتِوَاء1 73008. خطُ الاستواء1 73009. خط التّقويم1 73010. خط السّمت1 73011. خط الظّل1 73012. خط المركز المعدّل1 73013. خط المشرق والمغرب1 73014. خط الوسط1 73015. خط سياه1 73016. خط نصف النهار1 73017. خَطَّ 1 73018. خطء1 73019. خطأ14 Prev. 100
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الجذر: خ ض ر

مثال: بِطَاقات خَضْراوات
الرأي: مرفوضة
السبب: لجمع الصفة التي على وزن «فَعْلاء» بالألف والتاء، والقياس جمعها جمع تكسير.
المعنى: لونها الخُضْرة

الصواب والرتبة: -بطاقات خُضْر [فصيحة]-بطاقات خَضراوات [فصيحة]
التعليق: يطرد جمع المؤنث السالم في كل ما خُتِم بألف التأنيث الممدودة، ما عدا «فَعْلاء» مؤنث «أَفْعل». ولكن مجمع اللغة المصري اتخذ قرارًا يجيز جمع الصفات من باب «أَفْعل فَعْلاء» بالواو والنون في المذكر، وبالألف والتاء في المؤنث، استنادًا إلى رأي الكوفيين وابن مالك، وقد أورد الوسيط والأساسي الجمع المرفوض؛ ومن ثَمَّ يكون الاستعمال المرفوض فصيحًا.